Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 0.4.29-30h: उस महात्मा की संगति और भगवान के सान्निध्य के प्रभाव से उस व्यक्ति के सारे पाप नष्ट हो गए और उसके मन में अवश्य ही बहुत पश्चाताप हुआ। | ramayan सर्ग 0.4: चैत्रमास में रामायण के पठन और श्रवण का माहात्म्य, कलिक नामक व्याध और उत्तङ्क मुनि की कथा । ramayan काण्ड 0: श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण माहात्म्य । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस महात्मा की संगति और भगवान के सान्निध्य के प्रभाव से उस व्यक्ति के सारे पाप नष्ट हो गए और उसके मन में अवश्य ही बहुत पश्चाताप हुआ।
Due to the influence of the company of that Mahatma and the presence of God, all the sins of that person were destroyed and there was definitely a lot of repentance in his mind.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥