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श्लोक  0.4.16h 
हन्तुं कृतमतिं व्याधं उत्तङ्को प्रेक्ष्य चाब्रवीत्।
 
 
अनुवाद
जब उत्तंक ने देखा कि व्याध उसे मारना चाहता है, तब उसने उससे इस प्रकार कहा।
 
When Uttanka saw that the hunter wanted to kill him, he spoke to him thus. 15 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)