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वाल्मीकिमुनिना पूर्वं कथा रामायणस्य च॥ ५७॥
ऊर्जे मासे सिते पक्षे श्रोतव्या च प्रयत्नत:।
अनुवाद
‘कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में वाल्मीकि ऋषि द्वारा पूर्वकाल में कही गई रामायण की कथा को बड़े ध्यान से सुनना चाहिए।’ ॥57 1/2॥
'The story of the Ramayana narrated by sage Valmiki in the past should be listened to with great care in the Shukla Paksh of the month of Kartika.' ॥ 57 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥