Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 0.2.34-35: परन्तु सौदास जिनकी पूजा करता था, वे सम्पूर्ण जगत के गुरु महादेव शिव की अवज्ञा का पाप सहन न कर सके। उन्होंने सौदास को राक्षस योनि में जाने का शाप दे दिया। तब विनायकलकोविद ब्राह्मण ने हाथ जोड़कर गौतम से कहा ॥34-35॥ | ramayan सर्ग 0.2: नारद सनत्कुमार-संवाद, सुदास या सोमदत्त नामक ब्राह्मण को राक्षसत्व की प्राप्ति तथा रामायण-कथा-श्रवण द्वारा उससे उद्धार । ramayan काण्ड 0: श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण माहात्म्य । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
परन्तु सौदास जिनकी पूजा करता था, वे सम्पूर्ण जगत के गुरु महादेव शिव की अवज्ञा का पाप सहन न कर सके। उन्होंने सौदास को राक्षस योनि में जाने का शाप दे दिया। तब विनायकलकोविद ब्राह्मण ने हाथ जोड़कर गौतम से कहा ॥34-35॥
But those whom Saudasa worshiped could not bear the sin of disobeying Mahadev Shiva, the Guru of the entire world. He cursed Saudasa to go into the womb of a demon. Then the Vinayakalakovid Brahmin folded his hands and said to Gautam. 34-35॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥