श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 0: श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण माहात्म्य  »  सर्ग 2: नारद सनत्कुमार-संवाद, सुदास या सोमदत्त नामक ब्राह्मण को राक्षसत्व की प्राप्ति तथा रामायण-कथा-श्रवण द्वारा उससे उद्धार  »  श्लोक 25-26
 
 
श्लोक  0.2.25-26 
सनत्कुमार उवाच
रामायणं केन प्रोक्तं सर्वधर्मफलप्रदम्॥ २५॥
प्राप्त: कथं गौतमेन सौदासो मुनिसत्तम।
रामायणप्रभावेण कथं भूयो विमोक्षित:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
सनत्कुमार ने पूछा - हे महामुनि! सभी धर्मों का फल देने वाली रामायण की कथा किसने कही है? सौदास को गौतम ने किस प्रकार श्राप दिया था? फिर रामायण के प्रभाव से वह श्राप से किस प्रकार मुक्त हुआ?
 
Sanatkumara asked - O great sage! Who has narrated the story of Ramayana which gives the fruits of all the religions? How did Saudasa get cursed by Gautama? Then how did he get free from the curse due to the effect of Ramayana.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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