Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 0.2.18-19h: मैं दशरथ के पुत्र भगवान राम की पूजा करता हूँ, जो एक होते हुए भी चार रूपों में अवतरित होते हैं और जिन्होंने वानरों के साथ मिलकर राक्षसों की सेना का संहार किया था॥18 1/2॥ | ramayan सर्ग 0.2: नारद सनत्कुमार-संवाद, सुदास या सोमदत्त नामक ब्राह्मण को राक्षसत्व की प्राप्ति तथा रामायण-कथा-श्रवण द्वारा उससे उद्धार । ramayan काण्ड 0: श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण माहात्म्य । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं दशरथ के पुत्र भगवान राम की पूजा करता हूँ, जो एक होते हुए भी चार रूपों में अवतरित होते हैं और जिन्होंने वानरों के साथ मिलकर राक्षसों की सेना का संहार किया था॥18 1/2॥
I worship Lord Rama, the son of Dasharathan, who incarnates in four forms despite being one and who, along with the monkeys, killed the army of demons. ॥18 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥