| श्री रामचरितमानस » काण्ड 7: उत्तर काण्ड » दोहा 71a |
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| | | | काण्ड 7 - दोहा 71a  | ब्यापि रहेउ संसार महुँ माया कटक प्रचंड।
सेनापति कामादि भट दंभ कपट पाषंड॥ 71 क॥ | | | | अनुवाद | | | | माया की विशाल सेना सम्पूर्ण जगत में फैली हुई है। काम, क्रोध और लोभ उसके सेनापति हैं और अहंकार, छल और कपट उसके योद्धा हैं। | | | | Maya's huge army is spread all over the world. Kaamaadi (lust, anger and greed) are its commanders and arrogance, deceit and hypocrisy are its warriors. | |
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