श्री रामचरितमानस  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  दोहा 60
 
 
काण्ड 7 - दोहा 60 
परमातुर बिहंगपति आयउ तब मो पास।
जात रहेउँ कुबेर गृह रहिहु उमा कैलास॥60॥
 
अनुवाद
 
 तब पक्षीराज गरुड़ बड़ी उत्सुकता से मेरे पास आए और बोले, "हे उमा! उस समय मैं कुबेर के घर जा रहा था और तुम कैलाश पर थीं।"
 
Then the king of birds Garuda came to me very eagerly. O Uma! At that time I was going to Kuber's house and you were on Kailash.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas