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काण्ड 7 - दोहा 30  |
एहि बिधि नगर नारि नर करहिं राम गुन गान।
सानुकूल सब पर रहहिं संतत कृपानिधान॥30॥ |
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| अनुवाद |
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| इस प्रकार नगर के नर-नारी श्री राम का गुणगान करते हैं और दयालु श्री राम सब पर सदैव प्रसन्न रहते हैं। |
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| In this way the men and women of the city sing the praises of Shri Ram and the merciful Shri Ram is always pleased with everyone. |
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