| श्री रामचरितमानस » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » दोहा 40 |
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| | | | काण्ड 6 - दोहा 40  | नानायुध सर चाप धर जातुधान बल बीर।
कोट कँगूरन्हि चढ़ि गए कोटि कोटि रनधीर॥40॥ | | | | अनुवाद | | | | विभिन्न प्रकार के हथियारों और धनुष-बाणों से लैस होकर लाखों बलवान और बहादुर राक्षस योद्धा प्राचीर की प्राचीर पर चढ़ गए। | | | | Armed with various kinds of weapons and bows and arrows, millions of strong and brave demon warriors climbed the battlements of the rampart. | |
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