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काण्ड 6 - चौपाई 62.5  |
कथा कही सब तेहिं अभिमानी। जेहि प्रकार सीता हरि आनी॥
तात कपिन्ह सब निसिचर मारे। महा महा जोधा संघारे॥5॥ |
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| अनुवाद |
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| उस अभिमानी (रावण) ने सीता के अपहरण का सारा वृत्तांत (तब से अब तक का) कह सुनाया। (फिर उसने कहा-) हे प्रिये! वानरों ने समस्त राक्षसों को मार डाला। उन्होंने बड़े-बड़े योद्धाओं को भी मार डाला। |
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| That arrogant (Ravana) told him the whole story (from then till now) of how he had kidnapped Sita. (Then he said-) O dear! The monkeys killed all the demons. They also killed the greatest warriors. |
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