| श्री रामचरितमानस » काण्ड 5: सुन्दर काण्ड » दोहा 9 |
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| | | | काण्ड 5 - दोहा 9  | आपुहि सुनि खद्योत सम रामहि भानु समान।
परुष बचन सुनि काढ़ि असि बोला अति खिसिआन॥9॥ | | | | अनुवाद | | | | अपने को जुगनू और रामचन्द्र को सूर्य जानकर तथा सीता के कठोर वचन सुनकर रावण ने तलवार निकालकर अत्यन्त क्रोध में कहा - | | | | Hearing himself as a firefly and Ramachandra as the Sun and hearing the harsh words of Sita, Ravana took out his sword and said in great anger - | |
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