श्री रामचरितमानस  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  चौपाई 19.1
 
 
काण्ड 5 - चौपाई 19.1 
सुनि सुत बध लंकेस रिसाना। पठएसि मेघनाद बलवाना॥
मारसि जनि सुत बाँधेसु ताही। देखिअ कपिहि कहाँ कर आही॥1॥
 
अनुवाद
 
 अपने पुत्र के वध का समाचार सुनकर रावण क्रोधित हो गया और उसने (अपने ज्येष्ठ पुत्र) महाबली मेघनाद को भेजा। (उसने कहा-) हे पुत्र! उसे मत मारो, बाँधकर ले आओ। आओ, पता लगाएँ कि वह वानर कहाँ का है।
 
On hearing about the killing of his son, Raavan became angry and sent (his eldest son) the powerful Meghnad. (He said-) O son! Do not kill him, tie him up and bring him back. Let us find out where that monkey is from.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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