| श्री रामचरितमानस » काण्ड 3: अरण्य काण्ड » मासपारायण 22 |
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| | | | काण्ड 3 - मासपारायण 22  | | | | | अनुवाद | | | | बीस सेकंड का विश्राम | | | | Twenty-second rest | | | इति श्रीमद्रामचरितमानसे सकलकलिकलुषविध्वंसने तृतीयः सोपानः समाप्तः।
कलियुग के संपूर्ण पापों को विध्वंस करने वाले श्री रामचरितमानस का यह तीसरा सोपान समाप्त हुआ।
(अरण्यकाण्ड समाप्त) | | | |
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