| श्री रामचरितमानस » काण्ड 3: अरण्य काण्ड » दोहा 34 |
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| | | | काण्ड 3 - दोहा 34  | कंद मूल फल सुरस अति दिए राम कहुँ आनि।
प्रेम सहित प्रभु खाए बारंबार बखानि॥34॥ | | | | अनुवाद | | | | वह बहुत ही रसीले और स्वादिष्ट कंद-मूल और फल लाकर श्री राम को दिए। प्रभु ने बार-बार उनकी स्तुति की और प्रेमपूर्वक उन्हें खाया। | | | | He brought very juicy and delicious tubers, roots and fruits and gave them to Shri Ram. The Lord praised them again and again and ate them with love. | |
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