| श्री रामचरितमानस » काण्ड 2: अयोध्या काण्ड » दोहा 313 |
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| | | | काण्ड 2 - दोहा 313  | जेहिं उपाय पुनि पाय जनु देखै दीनदयाल।
सो सिख देइअ अवधि लगि कोसलपाल कृपाल॥313॥ | | | | अनुवाद | | | | हे दयालु! यह दास जिस प्रकार आपके चरणों के पुनः दर्शन कर सके, हे कोसलराज! हे दयालु! मुझे दीर्घकाल तक यही शिक्षा दीजिए। | | | | O Merciful One! Whatever way this slave can see your feet again- O King of Kosala! O Merciful One! Please teach me that for a long time. | |
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