श्री रामचरितमानस  »  काण्ड 2: अयोध्या काण्ड  »  चौपाई 189.1
 
 
काण्ड 2 - चौपाई 189.1 
सई तीर बसि चले बिहाने। सृंगबेरपुर सब निअराने॥
समाचार सब सुने निषादा। हृदयँ बिचार करइ सबिषादा॥1॥
 
अनुवाद
 
 सई नदी के तट पर रात्रि विश्राम करके वे प्रातः वहाँ से चल पड़े और श्रृंगवेरपुर के निकट पहुँचे। जब निषादराज ने सारा समाचार सुना तो वे दुःखी हो गए और मन ही मन सोचने लगे-
 
After staying overnight on the banks of the Sai river, they left from there in the morning and reached near Shringaverpur. When Nishadraj heard all the news, he became sad and started thinking in his heart-
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas