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श्लोक 9.8.45  |
तत: प्रववृते युद्धं घोररूपं भयानकम्।
तावकानां परेषां च निघ्नतामितरेतरम्॥ ४५॥ |
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| अनुवाद |
| तत्पश्चात् आपके सैनिकों और शत्रु सैनिकों में भयंकर एवं भयंकर युद्ध छिड़ गया, तथा वे एक-दूसरे पर आक्रमण करने लगे ॥45॥ |
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| Then a terrible and fierce battle broke out between your soldiers and the enemy's soldiers, with them attacking each other. ॥ 45॥ |
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इति श्रीमहाभारते शल्यपर्वणि व्यूहनिर्माणेऽष्टमोऽध्याय:॥ ८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शल्यपर्वमें व्यूह-निर्माणविषयक आठवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ८॥
(दाक्षिणात्य अधिक पाठका १/२ श्लोक मिलाकर कुल ४५ १/२ श्लोक हैं।) |
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