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mahabharat 9.8.4: हे प्रजानाथ! उस समय सब ओर से नाना प्रकार के वाद्यों की गम्भीर ध्वनि आने लगी। युद्ध के लिए तैयार योद्धाओं और आगे बढ़ती हुई सेनाओं का महान् कोलाहल सुनाई देने लगा।   |   mahabharat अध्याय 9.8: उभयपक्षकी सेनाओंका समरांगणमें उपस्थित होना एवं बची हुई दोनों सेनाओंकी संख्याका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.8.4 
वादित्राणां च निनद: प्रादुरासीद् विशाम्पते।
आयोधनार्थं योधानां बलानां चाप्युदीर्यताम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
हे प्रजानाथ! उस समय सब ओर से नाना प्रकार के वाद्यों की गम्भीर ध्वनि आने लगी। युद्ध के लिए तैयार योद्धाओं और आगे बढ़ती हुई सेनाओं का महान् कोलाहल सुनाई देने लगा।
 
O Prajanath! At that time, the deep sound of various musical instruments started coming from all sides. The great noise of the warriors ready for the war and the advancing armies started to be heard. 4.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)