Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.8.37-38h: संजय ने कहा - हे राजन! मैं आपको बताता हूँ कि हम और हमारे शत्रु किस प्रकार युद्ध के लिए तैयार हुए थे और उस समय हमारे पास कितनी सेना बची थी। सुनिए।   |   mahabharat अध्याय 9.8: उभयपक्षकी सेनाओंका समरांगणमें उपस्थित होना एवं बची हुई दोनों सेनाओंकी संख्याका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 8: उभयपक्षकी सेनाओंका समरांगणमें उपस्थित होना एवं बची हुई दोनों सेनाओंकी संख्याका वर्णन  »  श्लोक 37-38h
 
 
श्लोक  9.8.37-38h 
संजय उवाच
यथा वयं परे राजन् युद्धाय समुपस्थिता:॥ ३७॥
यावच्चासीद् बलं शिष्टं संग्रामे तन्निबोध मे।
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा - हे राजन! मैं आपको बताता हूँ कि हम और हमारे शत्रु किस प्रकार युद्ध के लिए तैयार हुए थे और उस समय हमारे पास कितनी सेना बची थी। सुनिए।
 
Sanjaya said - O King! I will tell you how we and our enemies presented themselves for the war and the amount of army that was left with us at that time. Listen.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)