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mahabharat 9.8.34-35h: इसी प्रकार युद्धस्थल में आपके पक्ष के दस हजार योद्धा क्रोध में भरकर नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित होकर पाण्डवों का सामना करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 9.8: उभयपक्षकी सेनाओंका समरांगणमें उपस्थित होना एवं बची हुई दोनों सेनाओंकी संख्याका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 8: उभयपक्षकी सेनाओंका समरांगणमें उपस्थित होना एवं बची हुई दोनों सेनाओंकी संख्याका वर्णन  »  श्लोक 34-35h
 
 
श्लोक  9.8.34-35h 
तथैवायुतशो योधास्तावका: पाण्डवान् रणे॥ ३४॥
अभ्यवर्तन्त संक्रुद्धा विविधायुधपाणय:।
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार युद्धस्थल में आपके पक्ष के दस हजार योद्धा क्रोध में भरकर नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित होकर पाण्डवों का सामना करने लगे।
 
Similarly, on the battlefield, ten thousand warriors from your side, filled with anger and armed with various kinds of weapons, began to face the Pandavas. 34 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)