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mahabharat 9.8.31-32h: शत्रु सेना का संहार करने वाले अर्जुन ने महाधनुर्धर कृतवर्मा तथा संशप्तकों पर बड़े बल से आक्रमण किया।   |   mahabharat अध्याय 9.8: उभयपक्षकी सेनाओंका समरांगणमें उपस्थित होना एवं बची हुई दोनों सेनाओंकी संख्याका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 8: उभयपक्षकी सेनाओंका समरांगणमें उपस्थित होना एवं बची हुई दोनों सेनाओंकी संख्याका वर्णन  »  श्लोक 31-32h
 
 
श्लोक  9.8.31-32h 
हार्दिक्यं च महेष्वासमर्जुन: शत्रुसैन्यहा॥ ३१॥
संशप्तकगणांश्चैव वेगितोऽभिविदुद्रुवे।
 
 
अनुवाद
शत्रु सेना का संहार करने वाले अर्जुन ने महाधनुर्धर कृतवर्मा तथा संशप्तकों पर बड़े बल से आक्रमण किया।
 
Arjuna, the destroyer of the enemy army, attacked the great archer Kritavarma and the Samshaptakas with great force. 31 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)