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mahabharat 9.8.28-29h: महाराज! शत्रुओं का दमन करने वाले महान धनुर्धर पाण्डवों ने भी अपनी सेना को तीन समूहों में बनाकर आपकी सेना पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 9.8: उभयपक्षकी सेनाओंका समरांगणमें उपस्थित होना एवं बची हुई दोनों सेनाओंकी संख्याका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 8: उभयपक्षकी सेनाओंका समरांगणमें उपस्थित होना एवं बची हुई दोनों सेनाओंकी संख्याका वर्णन  »  श्लोक 28-29h
 
 
श्लोक  9.8.28-29h 
पाण्डवाश्च महेष्वासा व्यूह्य सैन्यमरिंदमा:॥ २८॥
त्रिधा भूता महाराज तव सैन्यमुपाद्रवन्।
 
 
अनुवाद
महाराज! शत्रुओं का दमन करने वाले महान धनुर्धर पाण्डवों ने भी अपनी सेना को तीन समूहों में बनाकर आपकी सेना पर आक्रमण कर दिया।
 
Maharaj! The Pandavas, the great archers who suppressed their enemies, also formed their army in three groups and attacked your army. 28 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)