श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 8: उभयपक्षकी सेनाओंका समरांगणमें उपस्थित होना एवं बची हुई दोनों सेनाओंकी संख्याका वर्णन  »  श्लोक 25-26
 
 
श्लोक  9.8.25-26 
सव्येऽभूत् कृतवर्मा च त्रिगर्तै: परिवारित:॥ २५॥
गौतमो दक्षिणे पार्श्वे शकैश्च यवनै: सह।
अश्वत्थामा पृष्ठतोऽभूत् काम्बोजै: परिवारित:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
सेना के बाईं ओर त्रिगर्तों से घिरे हुए कृतवर्मा खड़े थे। दाहिनी ओर शक और यवनों की सेना के साथ कृपाचार्य खड़े थे और पीछे की ओर काम्बोजों से घिरे हुए अश्वत्थामा खड़े थे ॥25-26॥
 
On the left side of the formation stood Kritavarma surrounded by the Trigartas. On the right side stood Kripacharya with the army of Shakas and Yavanas and in the rear stood Ashvatthama surrounded by the Kambojas.॥25-26॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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