श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 8: उभयपक्षकी सेनाओंका समरांगणमें उपस्थित होना एवं बची हुई दोनों सेनाओंकी संख्याका वर्णन  »  श्लोक 14-15h
 
 
श्लोक  9.8.14-15h 
कथं रणे हत: शल्यो धर्मराजेन संजय॥ १४॥
भीमेन च महाबाहु: पुत्रो दुर्योधनो मम।
 
 
अनुवाद
संजय! युद्धभूमि में धर्मराज ने राजा शल्य को किस प्रकार मारा और भीमसेन ने मेरे महाबाहु पुत्र दुर्योधन को किस प्रकार मारा?॥14 1/2॥
 
Sanjaya! How was King Shalya killed by Dharmaraja on the battlefield and how did Bhimasena kill my mighty-armed son Duryodhana?॥ 14 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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