Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.8.13-14h: धृतराष्ट्र बोले—संजय! मैंने द्रोणाचार्य, भीष्म और राधापुत्र कर्ण के वध का सम्पूर्ण वृत्तांत सुन लिया है। अब शल्य और मेरे पुत्र दुर्योधन के वध का सम्पूर्ण वृत्तांत मुझे पुनः सुनाओ।॥13 1/2॥ | mahabharat अध्याय 9.8: उभयपक्षकी सेनाओंका समरांगणमें उपस्थित होना एवं बची हुई दोनों सेनाओंकी संख्याका वर्णन । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धृतराष्ट्र उवाच
द्रोणस्य चैव भीष्मस्य राधेयस्य च मे श्रुतम्॥ १३॥
पातनं शंस मे भूय: शल्यस्याथ सुतस्य मे।
अनुवाद
धृतराष्ट्र बोले—संजय! मैंने द्रोणाचार्य, भीष्म और राधापुत्र कर्ण के वध का सम्पूर्ण वृत्तांत सुन लिया है। अब शल्य और मेरे पुत्र दुर्योधन के वध का सम्पूर्ण वृत्तांत मुझे पुनः सुनाओ।॥13 1/2॥
Dhritarashtra said— Sanjaya! I have heard the entire story of the killing of Dronacharya, Bhishma and Radha's son Karna. Now tell me again the entire story of the killing of Shalya and my son Duryodhan.॥ 13 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥