श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 8: उभयपक्षकी सेनाओंका समरांगणमें उपस्थित होना एवं बची हुई दोनों सेनाओंकी संख्याका वर्णन  »  श्लोक 11-12h
 
 
श्लोक  9.8.11-12h 
तथैव पाण्डवा राजन् व्यूह्य सैन्यं महारणे॥ ११॥
अभ्ययु: कौरवान् राजन् योत्स्यमाना: समन्तत:।
 
 
अनुवाद
महाराज! इसी प्रकार उस महायुद्ध में पाण्डवों ने भी अपनी सेना को संगठित करके सब ओर से युद्ध करने की तैयारी की और कौरवों पर आक्रमण कर दिया।
 
King! In the same way, in that great war, the Pandavas too formed their army into formation and prepared to fight from all sides and attacked the Kauravas.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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