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mahabharat 9.7.42: ऐसा कहकर शत्रु योद्धाओं का नाश करने वाले भगवान श्रीकृष्ण पाण्डवों द्वारा सम्मानित होकर सायंकाल के समय अपने शिविर में चले गए॥42॥   |   mahabharat अध्याय 9.7: राजा शल्यके वीरोचित उद्‍गार तथा श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको शल्यवधके लिये उत्साहित करना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.7.42 
एतावदुक्त्वा वचनं केशव: परवीरहा।
जगाम शिबिरं सायं पूज्यमानोऽथ पाण्डवै:॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर शत्रु योद्धाओं का नाश करने वाले भगवान श्रीकृष्ण पाण्डवों द्वारा सम्मानित होकर सायंकाल के समय अपने शिविर में चले गए॥42॥
 
Saying this, Lord Shri Krishna, the destroyer of enemy warriors, went to his camp in the evening after being honored by the Pandavas. 42॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)