Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.7.39: तुम्हें यह सोचकर कि वह मेरा मामा है, उस पर दया नहीं करनी चाहिए। क्षत्रियधर्म का ध्यान रखते हुए तुम्हें मद्रराज शल्य का वध कर देना चाहिए। 39. | mahabharat अध्याय 9.7: राजा शल्यके वीरोचित उद्गार तथा श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको शल्यवधके लिये उत्साहित करना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तुम्हें यह सोचकर कि वह मेरा मामा है, उस पर दया नहीं करनी चाहिए। क्षत्रियधर्म का ध्यान रखते हुए तुम्हें मद्रराज शल्य का वध कर देना चाहिए। 39.
You should not show mercy to him thinking that he is my maternal uncle. Keeping the kshatriyadharma in mind, you should kill the Madra king Shalya. 39.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥