श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 7: राजा शल्यके वीरोचित उद्‍गार तथा श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको शल्यवधके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  9.7.34 
सदेवलोके कृत्स्नेऽस्मिन् नान्यस्त्वत्त: पुमान् भवेत् ।
मद्रराजं रणे क्रुद्धं यो हन्यात् कुरुनन्दन॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
हे कुरुनन्दन! देवताओं सहित इस सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में आपके अतिरिक्त कोई भी ऐसा नहीं है जो युद्ध में क्रुद्ध मद्रराज शल्य को मार सके।
 
O son of Kurunandan! In this entire universe, including the gods, there is no one other than you who can kill the enraged Madra king Shalya in the battle.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)