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श्लोक  9.7.30 
युद्धॺमानस्य तस्याहं चिन्तयानश्च भारत।
योद्धारं नाधिगच्छामि तुल्यरूपं जनाधिप॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
भरत! हे राजन! बहुत सोचने पर भी मैं युद्धप्रिय शल्य के समान कोई दूसरा योद्धा नहीं ढूँढ़ पा रहा हूँ।
 
Bharat! O King! Even after much thought, I am unable to find any other warrior equal to the warlike Shalya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)