Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.7.27: महाराज! तब भगवान श्रीकृष्ण ने राजा से कहा- 'भरत! मैं ऋतयान के पुत्र राजा शल्य को अच्छी तरह जानता हूँ।'   |   mahabharat अध्याय 9.7: राजा शल्यके वीरोचित उद्‍गार तथा श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको शल्यवधके लिये उत्साहित करना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 7: राजा शल्यके वीरोचित उद्‍गार तथा श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको शल्यवधके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  9.7.27 
तमब्रवीन्महाराज वासुदेवो जनाधिपम्।
आर्तायनिमहं जाने यथातत्त्वेन भारत॥ २७॥
 
 
अनुवाद
महाराज! तब भगवान श्रीकृष्ण ने राजा से कहा- 'भरत! मैं ऋतयान के पुत्र राजा शल्य को अच्छी तरह जानता हूँ।'
 
Maharaj! Then Lord Krishna said to the king- 'Bharata! I know King Shalya, the son of Ritayan, very well. 27.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)