श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 7: राजा शल्यके वीरोचित उद्‍गार तथा श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको शल्यवधके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  9.7.26 
एतज्ज्ञात्वा यथाभूतं कुरु माधव यत्क्षमम्।
भवान् नेता च गोप्ता च विधत्स्व यदनन्तरम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
माधव! ऐसा सत्य जानकर तुम्हें जो उचित हो वही करना चाहिए; क्योंकि तुम हमारे नेता और रक्षक हो। अतः अब जो आवश्यक हो वही करो॥ 26॥
 
‘Madhava! Knowing this truthfully, you should do what is appropriate; because you are our leader and protector. So now do whatever is necessary.’॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)