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mahabharat 9.7.2-3h: हे महाबाहु दुर्योधन! हे वाणी के विशेषज्ञों में श्रेष्ठ! तुम जिन श्रीकृष्ण और अर्जुन को रथियों में श्रेष्ठ मानते हो, वे दोनों बाहुबल में मेरे समान किसी भी प्रकार नहीं हैं।   |   mahabharat अध्याय 9.7: राजा शल्यके वीरोचित उद्‍गार तथा श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको शल्यवधके लिये उत्साहित करना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.7.2-3h 
दुर्योधन महाबाहो शृणु वाक्यविदां वर।
यावेतौ मन्यसे कृष्णौ रथस्थौ रथिनां वरौ॥ २॥
न मे तुल्यावुभावेतौ बाहुवीर्ये कथंचन।
 
 
अनुवाद
हे महाबाहु दुर्योधन! हे वाणी के विशेषज्ञों में श्रेष्ठ! तुम जिन श्रीकृष्ण और अर्जुन को रथियों में श्रेष्ठ मानते हो, वे दोनों बाहुबल में मेरे समान किसी भी प्रकार नहीं हैं।
 
O mighty-armed Duryodhana, the best among the experts of speech! The two, Shri Krishna and Arjuna, who you consider to be the best among charioteers, are in no way equal to me in arm strength. 2 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)