Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.7.13-14h: शल्य बोले, "हे राजन! आज या तो मैं युद्धभूमि में पाण्डवों सहित समस्त पांचालों का वध कर दूँगा अथवा स्वयं मारा जाकर स्वर्ग को जाऊँगा।"   |   mahabharat अध्याय 9.7: राजा शल्यके वीरोचित उद्‍गार तथा श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको शल्यवधके लिये उत्साहित करना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 7: राजा शल्यके वीरोचित उद्‍गार तथा श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको शल्यवधके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 13-14h
 
 
श्लोक  9.7.13-14h 
शल्य उवाच
अद्य चाहं रणे सर्वान् पञ्चालान् सह पाण्डवै:॥ १३॥
निहनिष्यामि वा राजन् स्वर्गं यास्यामि वा हत:।
 
 
अनुवाद
शल्य बोले, "हे राजन! आज या तो मैं युद्धभूमि में पाण्डवों सहित समस्त पांचालों का वध कर दूँगा अथवा स्वयं मारा जाकर स्वर्ग को जाऊँगा।"
 
Shalya said, "O King! Today I will either kill all the Panchalas including the Pandavas on the battlefield or I will get killed myself and go to heaven."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)