श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 7: राजा शल्यके वीरोचित उद्‍गार तथा श्रीकृष्णका युधिष्ठिरको शल्यवधके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 11-12h
 
 
श्लोक  9.7.11-12h 
त्वं हि शक्तो रणे जेतुं ससुरासुरमानवान्॥ ११॥
मर्त्यधर्माण इह तु किमु सृञ्जयसोमकान्।
 
 
अनुवाद
आप युद्धस्थल में देवताओं, दानवों और मनुष्यों को परास्त कर सकते हैं, फिर यहाँ सृंजय और सोमक नामक नश्वर प्राणियों को परास्त करने में क्या बड़ी बात है?॥11 1/2॥
 
You can defeat all the gods, demons and humans on the battlefield. Then what is the big deal in defeating the mortals Srinjayas and Somakas here?'॥ 11 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)