Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.65.6-7: मानो दैवीय इच्छा से सूर्य का चक्र गिर गया हो, मानो प्रचण्ड तूफान ने समुद्र को सुखा दिया हो, मानो आकाश में पूर्ण चन्द्रमा कोहरे से ढक गया हो, वही दशा उस समय दुर्योधन की हुई थी। विशाल भुजाओं वाला वह वीर योद्धा उन्मत्त हाथी के समान पराक्रमी होकर धूल में गिर पड़ा था। | mahabharat अध्याय 9.65: दुर्योधनकी दशा देखकर अश्वत्थामाका विषाद, प्रतिज्ञा और सेनापतिके पदपर अभिषेक । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मानो दैवीय इच्छा से सूर्य का चक्र गिर गया हो, मानो प्रचण्ड तूफान ने समुद्र को सुखा दिया हो, मानो आकाश में पूर्ण चन्द्रमा कोहरे से ढक गया हो, वही दशा उस समय दुर्योधन की हुई थी। विशाल भुजाओं वाला वह वीर योद्धा उन्मत्त हाथी के समान पराक्रमी होकर धूल में गिर पड़ा था।
As if by divine will the disc of the Sun had fallen, as if a great storm had caused the sea to dry up, as if the full moon in the sky had been covered in fog, the same condition had befallen Duryodhan at that time. That valiant warrior with huge arms and mighty like a mad elephant had fallen into the dust. 6-7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥