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mahabharat 9.65.43: राजा के वचन सुनकर शरद्वान के पुत्र कृपाचार्य ने उनकी आज्ञा के अनुसार अश्वत्थामा को राजा का सेनापति अभिषिक्त किया।   |   mahabharat अध्याय 9.65: दुर्योधनकी दशा देखकर अश्वत्थामाका विषाद, प्रतिज्ञा और सेनापतिके पदपर अभिषेक   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.65.43 
राज्ञस्तु वचनं श्रुत्वा कृप: शारद्वतस्तथा।
द्रौणिं राज्ञो नियोगेन सैनापत्येऽभ्यषेचयत्॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
राजा के वचन सुनकर शरद्वान के पुत्र कृपाचार्य ने उनकी आज्ञा के अनुसार अश्वत्थामा को राजा का सेनापति अभिषिक्त किया।
 
On hearing the king's words, Sharadwan's son Kripacharya anointed Ashwatthama as the king's commander in chief as per his orders.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)