Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.65.27: यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मैं आप सबको इस नरसंहार से मुक्त देख रहा हूँ। साथ ही, आप सब सुरक्षित हैं और कुछ करने में समर्थ हैं - यह मेरे लिए और भी अधिक प्रसन्नता की बात है।॥27॥ | mahabharat अध्याय 9.65: दुर्योधनकी दशा देखकर अश्वत्थामाका विषाद, प्रतिज्ञा और सेनापतिके पदपर अभिषेक । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दिष्ट्या च वोऽहं पश्यामि मुक्तानस्माज्जनक्षयात्।
स्वस्तियुक्तांश्च कल्यांश्च तन्मे प्रियमनुत्तमम्॥ २७॥
अनुवाद
यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मैं आप सबको इस नरसंहार से मुक्त देख रहा हूँ। साथ ही, आप सब सुरक्षित हैं और कुछ करने में समर्थ हैं - यह मेरे लिए और भी अधिक प्रसन्नता की बात है।॥27॥
‘It is a matter of good fortune that I see you all free from this massacre. Also, you all are safe and capable of doing something – this is a matter of even better and happiness for me.॥ 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥