Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.64.4-7h: हे राजन! जब कौरवराज की जाँघें टूट गईं, तब वे भूमि पर गिर पड़े और धूल से लिपट गए। फिर वे अपने बिखरे हुए केशों को समेटकर सब दिशाओं में देखने लगे। बड़े यत्न से केशों को बाँधकर वे सर्प के समान फुफकारते हुए क्रोध और आँसुओं से भरे हुए नेत्रों से मेरी ओर देखने लगे। इसके बाद वे अपनी दोनों भुजाओं को भूमि पर रगड़ते हुए, मतवाले हाथी के समान अपने बिखरे केशों को हिलाते हुए, दाँतों से दाँत पीसते हुए और ज्येष्ठ पाण्डव युधिष्ठिर की निन्दा करते हुए आह भरकर बोले-॥4-6 1/2॥ | mahabharat अध्याय 9.64: दुर्योधनका संजयके सम्मुख विलाप और वाहकोंद्वारा अपने साथियोंको संदेश भेजना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! जब कौरवराज की जाँघें टूट गईं, तब वे भूमि पर गिर पड़े और धूल से लिपट गए। फिर वे अपने बिखरे हुए केशों को समेटकर सब दिशाओं में देखने लगे। बड़े यत्न से केशों को बाँधकर वे सर्प के समान फुफकारते हुए क्रोध और आँसुओं से भरे हुए नेत्रों से मेरी ओर देखने लगे। इसके बाद वे अपनी दोनों भुजाओं को भूमि पर रगड़ते हुए, मतवाले हाथी के समान अपने बिखरे केशों को हिलाते हुए, दाँतों से दाँत पीसते हुए और ज्येष्ठ पाण्डव युधिष्ठिर की निन्दा करते हुए आह भरकर बोले-॥4-6 1/2॥
O King! When the Kaurava King's thighs broke, he fell on the ground and got covered in dust. Then, gathering his scattered hair, he started looking in all directions. After tying his hair with great effort, he hissed like a snake and looked at me with his eyes filled with anger and tears. After this, rubbing both his arms on the ground, shaking his scattered hair like a drunken elephant, grinding his teeth with his teeth and criticizing the eldest Pandava Yudhishthira, he spoke with a sigh -॥ 4-6 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥