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mahabharat 9.64.3: संजय ने कहा- हे राजन! सुनो। हे पुरुषों के स्वामी! मैं तुम्हें वह सच्ची कहानी सुनाता हूँ जो टूटी हुई जांघ वाले राजा दुर्योधन ने महान संकट में पड़कर कही थी।   |   mahabharat अध्याय 9.64: दुर्योधनका संजयके सम्मुख विलाप और वाहकोंद्वारा अपने साथियोंको संदेश भेजना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 64: दुर्योधनका संजयके सम्मुख विलाप और वाहकोंद्वारा अपने साथियोंको संदेश भेजना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  9.64.3 
संजय उवाच
शृणु राजन् प्रवक्ष्यामि यथावृत्तं नराधिप।
राज्ञा यदुक्तं भग्नेन तस्मिन् व्यसन आगते॥ ३॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा- हे राजन! सुनो। हे पुरुषों के स्वामी! मैं तुम्हें वह सच्ची कहानी सुनाता हूँ जो टूटी हुई जांघ वाले राजा दुर्योधन ने महान संकट में पड़कर कही थी।
 
Sanjaya said- O King! Listen. O Lord of men! I am telling you the true story of what King Duryodhan with a broken thigh had said when he was in a great trouble.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)