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mahabharat 9.63.67-68h: हे पुरुषश्रेष्ठ केशव! ये राजा अंधे और वृद्ध हो गए हैं और इनके सभी पुत्र मारे जा चुके हैं। अब आप सभी वीर पाण्डवों सहित इनके रक्षक बनिए।' 67 1/2   |   mahabharat अध्याय 9.63: युधिष्ठिरकी प्रेरणासे श्रीकृष्णका हस्तिनापुरमें जाकर धृतराष्ट्र और गान्धारीको आश्वासन दे पुन: पाण्डवोंके पास लौट आना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 63: युधिष्ठिरकी प्रेरणासे श्रीकृष्णका हस्तिनापुरमें जाकर धृतराष्ट्र और गान्धारीको आश्वासन दे पुन: पाण्डवोंके पास लौट आना  »  श्लोक 67-68h
 
 
श्लोक  9.63.67-68h 
राज्ञस्त्वन्धस्य वृद्धस्य हतपुत्रस्य केशव॥ ६७॥
त्वं गति: सहितैर्वीरै: पाण्डवैर्द्विपदां वर।
 
 
अनुवाद
हे पुरुषश्रेष्ठ केशव! ये राजा अंधे और वृद्ध हो गए हैं और इनके सभी पुत्र मारे जा चुके हैं। अब आप सभी वीर पाण्डवों सहित इनके रक्षक बनिए।' 67 1/2
 
O best of men, Keshava! These kings are blind and old and all their sons have been killed. Now you, along with all the valiant Pandavas, are their protectors.' 67 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)