Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.63.60-61: रानी! तुम्हें स्मरण होगा, उस दिन तुमने मेरे सामने दरबार में दोनों पक्षों के लिए हितकर धर्मयुक्त और अर्थपूर्ण वचन कहे थे, किन्तु कल्याणी! तुम्हारे पुत्रों ने उसे नहीं सुना। 60-61। | mahabharat अध्याय 9.63: युधिष्ठिरकी प्रेरणासे श्रीकृष्णका हस्तिनापुरमें जाकर धृतराष्ट्र और गान्धारीको आश्वासन दे पुन: पाण्डवोंके पास लौट आना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जानासि च यथा राज्ञि सभायां मम संनिधौ॥ ६०॥
धर्मार्थसहितं वाक्यमुभयो: पक्षयोर्हितम्।
उक्तवत्यसि कल्याणि न च ते तनयै: कृतम्॥ ६१॥
अनुवाद
रानी! तुम्हें स्मरण होगा, उस दिन तुमने मेरे सामने दरबार में दोनों पक्षों के लिए हितकर धर्मयुक्त और अर्थपूर्ण वचन कहे थे, किन्तु कल्याणी! तुम्हारे पुत्रों ने उसे नहीं सुना। 60-61।
Queen! You will remember, that day in the court in front of me you had spoken a righteous and meaningful word which was beneficial to both the parties, but Kalyani! Your sons did not listen to it. 60-61.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥