श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 63: युधिष्ठिरकी प्रेरणासे श्रीकृष्णका हस्तिनापुरमें जाकर धृतराष्ट्र और गान्धारीको आश्वासन दे पुन: पाण्डवोंके पास लौट आना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  9.63.6 
तत्त्वतो वै समाचक्ष्व सर्वमध्वर्युसत्तम।
यच्चात्र कारणं ब्रह्मन् कार्यस्यास्य विनिश्चये॥ ६॥
 
 
अनुवाद
हे यजुर्वेद के विद्वानों में श्रेष्ठ ब्राह्मणदेव! इस कार्य का निश्चय करने का जो भी कारण हो, कृपया उसे विस्तारपूर्वक मुझसे कहिए। 6॥
 
Brahmindev, the best among Yajurvedic scholars! Whatever may be the reason for deciding on this work, please tell me it in detail. 6॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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