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mahabharat 9.63.43: उन्होंने अनेक वेश धारण करके वनवास का कष्ट सहन किया और इसके अतिरिक्त उन्हें असहाय मनुष्यों के समान अन्य अनेक कष्ट भी सहने पड़े॥ 43॥   |   mahabharat अध्याय 9.63: युधिष्ठिरकी प्रेरणासे श्रीकृष्णका हस्तिनापुरमें जाकर धृतराष्ट्र और गान्धारीको आश्वासन दे पुन: पाण्डवोंके पास लौट आना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 63: युधिष्ठिरकी प्रेरणासे श्रीकृष्णका हस्तिनापुरमें जाकर धृतराष्ट्र और गान्धारीको आश्वासन दे पुन: पाण्डवोंके पास लौट आना  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  9.63.43 
अज्ञातवासचर्या च नानावेषसमावृतै:।
अन्ये च बहव: क्लेशात् त्वशक्तैरिव सर्वदा॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने अनेक वेश धारण करके वनवास का कष्ट सहन किया और इसके अतिरिक्त उन्हें असहाय मनुष्यों के समान अन्य अनेक कष्ट भी सहने पड़े॥ 43॥
 
He endured the pain of living in exile by disguising himself in various disguises. Apart from this, he had to endure many other troubles like helpless men.॥ 43॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)