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mahabharat 9.63.31-32h: केशव का यह आदेश सुनकर दारुक ने शीघ्रता से रथ को सजाया और महात्मा को इसकी सूचना दी।   |   mahabharat अध्याय 9.63: युधिष्ठिरकी प्रेरणासे श्रीकृष्णका हस्तिनापुरमें जाकर धृतराष्ट्र और गान्धारीको आश्वासन दे पुन: पाण्डवोंके पास लौट आना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 63: युधिष्ठिरकी प्रेरणासे श्रीकृष्णका हस्तिनापुरमें जाकर धृतराष्ट्र और गान्धारीको आश्वासन दे पुन: पाण्डवोंके पास लौट आना  »  श्लोक 31-32h
 
 
श्लोक  9.63.31-32h 
केशवस्य वच: श्रुत्वा त्वरमाणोऽथ दारुक:॥ ३१॥
न्यवेदयद् रथं सज्जं केशवाय महात्मने।
 
 
अनुवाद
केशव का यह आदेश सुनकर दारुक ने शीघ्रता से रथ को सजाया और महात्मा को इसकी सूचना दी।
 
On hearing this order from Keshava, Daruka hastily decorated the chariot and informed the great soul about it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)