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mahabharat 9.63.23: श्रीकृष्ण! आज विजय प्राप्त करने के बाद भी हमारा मन संशय के झूले पर झूल रहा है। हे शक्तिशाली माधव! कृपया गांधारी देवी के क्रोध पर ध्यान दीजिए।   |   mahabharat अध्याय 9.63: युधिष्ठिरकी प्रेरणासे श्रीकृष्णका हस्तिनापुरमें जाकर धृतराष्ट्र और गान्धारीको आश्वासन दे पुन: पाण्डवोंके पास लौट आना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 63: युधिष्ठिरकी प्रेरणासे श्रीकृष्णका हस्तिनापुरमें जाकर धृतराष्ट्र और गान्धारीको आश्वासन दे पुन: पाण्डवोंके पास लौट आना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  9.63.23 
संदेहदोलां प्राप्तं नश्चेत: कृष्ण जये सति।
गान्धार्या हि महाबाहो क्रोधं बुद्धॺस्व माधव॥ २३॥
 
 
अनुवाद
श्रीकृष्ण! आज विजय प्राप्त करने के बाद भी हमारा मन संशय के झूले पर झूल रहा है। हे शक्तिशाली माधव! कृपया गांधारी देवी के क्रोध पर ध्यान दीजिए।
 
Sri Krishna! Even after achieving victory today, our mind is swinging on the swing of doubt. O powerful Madhava! Please pay attention to the anger of Gandhari Devi.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)