श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 63: युधिष्ठिरकी प्रेरणासे श्रीकृष्णका हस्तिनापुरमें जाकर धृतराष्ट्र और गान्धारीको आश्वासन दे पुन: पाण्डवोंके पास लौट आना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  9.63.19 
यदि न त्वं भवेर्नाथ: फाल्गुनस्य महारणे।
कथं शक्यो रणे जेतुं भवेदेष बलार्णव:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
यदि आप इस महासमर में अर्जुन के स्वामी और सहायक न होते, तो युद्ध में कौरव सेना रूपी इस समुद्र को जीतना कैसे संभव होता? 19॥
 
If you had not been Arjun's master and helper in this great battle, then how would it have been possible to conquer this ocean of Kaurava army in the war? 19॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas