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mahabharat 9.63.16: यादवनंदन! महाबाहु! इस रोमांचकारी युद्ध में जो महान विनाश हुआ था, वह आपने प्रत्यक्ष देखा था। 16॥   |   mahabharat अध्याय 9.63: युधिष्ठिरकी प्रेरणासे श्रीकृष्णका हस्तिनापुरमें जाकर धृतराष्ट्र और गान्धारीको आश्वासन दे पुन: पाण्डवोंके पास लौट आना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 63: युधिष्ठिरकी प्रेरणासे श्रीकृष्णका हस्तिनापुरमें जाकर धृतराष्ट्र और गान्धारीको आश्वासन दे पुन: पाण्डवोंके पास लौट आना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  9.63.16 
प्रत्यक्षं मे महाबाहो संग्रामे लोमहर्षणे।
विमर्द: सुमहान् प्राप्तस्त्वया यादवनन्दन॥ १६॥
 
 
अनुवाद
यादवनंदन! महाबाहु! इस रोमांचकारी युद्ध में जो महान विनाश हुआ था, वह आपने प्रत्यक्ष देखा था। 16॥
 
‘Yadavanandan! Great arms! You had seen firsthand the great destruction that was achieved in this thrilling battle. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)