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mahabharat 9.62.39: हे मनुष्यों! जिन पाण्डवों के शत्रु मारे गए थे, वे उस रात पवित्र ओघवती नदी के तट पर जाकर ठहरे।   |   mahabharat अध्याय 9.62: पाण्डवोंका कौरव शिबिरमें पहुँचना, अर्जुनके रथका दग्ध होना और पाण्डवोंका भगवान् श्रीकृष्णको हस्तिनापुर भेजना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 62: पाण्डवोंका कौरव शिबिरमें पहुँचना, अर्जुनके रथका दग्ध होना और पाण्डवोंका भगवान् श्रीकृष्णको हस्तिनापुर भेजना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  9.62.39 
ते समासाद्य सरितं पुण्यामोघवतीं नृप।
न्यवसन्नथ तां रात्रिं पाण्डवा हतशत्रव:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
हे मनुष्यों! जिन पाण्डवों के शत्रु मारे गए थे, वे उस रात पवित्र ओघवती नदी के तट पर जाकर ठहरे।
 
O lord of men! The Pandavas, whose enemies had been killed, went and stayed on the banks of the holy river Oghavati that night. 39.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)